भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है कि तेलंगाना के हैदराबाद स्थित कासू ब्रह्मानंद रेड्डी (केबीआर) राष्ट्रीय उद्यान के आसपास पेड़ों की कटाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे पांच पर्यावरण कार्यकर्ताओं को 13 मई 2026 को मनमाने ढंग से गिरफ्तार कर कई घंटों तक पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया। बताया जाता है कि जमानत पर रिहा होने से पहले उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। ये धाराएं अवैध रूप से रोकना, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाला गंभीर उपद्रव और आपराधिक धमकी से संबंधित हैं।
आयोग ने पाया है कि यदि समाचार रिपोर्ट की सामग्री सही है, तो इससे मानवाधिकारों के उल्लंघन के गंभीर मुद्दे उठते हैं। इसलिए, आयोग ने तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक और हैदराबाद के जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
13 मई 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के बाद वॉलंटिर्यस में से एक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उसके बारे में पूछताछ करने के लिए पुलिस स्टेशन गए चार अन्य कार्यकर्ताओं को भी बाद में हिरासत में ले लिया गया।
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